टीं...टीं...बीप...बीप- राजीव तनेजा

***राजीव तनेजा*** “एक लम्बे..तन्दुरस्त और गोरे-चिट्टे जवाँ मर्द (दिल्ली निवासी) पैंतालिस वर्षीय व्यवसायी को  आवश्यकता है एक खुले विचारों वाली सुन्दर…सुघड़ एवं सुशील कन्या की…जो उसके संग मित्रता कर हफ्ते-दो हफ्तों के लिए मॉरिशस के अन-अफिशियल टूर पे चल सके। नोट: रंग..उम्र..जाति भेद की कोई बाधा नहीं…कोई समस्या नहीं। गृहणी…कुँवारी…विधवा तथा तलाकशुदा  भी स्वीकार्य अच्छे संस्कारों वाली वैल मैनर्ड महिलाएँ कृप्या संपर्क ना करें अपने लेटेस्ट पासपोर्ट साईज़ फोटो…बॉयोडाटा तथा मोबाईल नम्बर को ठरकीनम्बरवन@बिगबॉस.कॉम पर तुरंत मेल करें।आपकी पहचान शर्तिया तथा यकीनी तौर पर गुप्त रखी जाएगी।मुफ्त में खाने-पीने…...

"खबरों में से खबर सुनो"

  ***राजीव तनेजा***        "खुश खबरी...खुश खबरी...खुश खबरी"... पूरे पानीपत शहर के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी नामी और बिगड़ैल रईसजादे ने अपने अनुभवों को..अपनी भावनाओं को...अपनी कामयाबी के रहस्यों को खुलेआम सार्वजनिक करने की सोची है ताकि आने वाली पीढियाँ उन्हें अमल में ला कामयाबी के रास्ते पे चल सकें।जी हाँ!...शहर के जाने-माने सेठ और समाजसेवी श्री फकीर चन्द जी साक्षातकार के लिए मान गए हैँ और उन्हें राज़ी करने के लिए हँसते रहो वालों की पूरी टीम (जिसमें...

एक बराबर

"एक बराबर"  ***राजीव तनेजा*** "बाप रे!...क्या ज़माना आ गया है"... "क्या हुआ?"... "कलयुग!...घोर कलयुग"... "क्यों सुबह-सुबह ज़माने को कोसे चली जा रही हो?"... "कुछ बताओगी भी या यूँ ही बेफाल्तू में घोर कलयुग...घोर कलयुग नाम का एक ही डॉयलाग मार फुटेज खाती रहोगी?"... "मुझे नहीं पता...बस अभी के अभी तुम अपना ये ब्लॉग डिलीट कर दो"... "क्यों?...क्या हुआ?"... "आखिर!...पता तो चले"... "क्यों मैडम जी हाथ धो के पड़ गई हैँ मेरे  ब्लॉग के पीछे?"... "कह दिया ना एक बार!...बस...

कहानी एक रक्तजीवी की - राजीव तनेजा

"हाँ!...मैँ एक रक्तजीवी हूँ और ऐसा कहने में मुझे कोई शर्म....कोई ग्लानि..नहीं कि मैँ जीवन से थक-हार  कर टूट चुके... बेसुध हो चुके मरीज़ों को अपना खून बेच  उनमें नए जोश...नई उमंग और नई स्फूर्ति का संचार करता हूँ और इसी नाते मैँ खुद को रक्तजीवी(अपना रक्त....अपना खून बेच के ज़िन्दा रहने वाला) कहलाना पसन्द करता हूँ। "अब आप सोचेंगे कि धर्म-कर्म के काम में पैसे का क्या काम?"... "तो इसके जवाब में मैँ बस इतना ही कहूँगा कि आपका कहना शत-प्रतिशत सही है कि ये रक्त दान...ये अंग दान वगैरा सब...
 
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