यार ने ही लूट लिया कच्छा यार का- राजीव तनेजा
"उफ़्फ़!…ये कमर का दर्द तो मेरी जान ले के रहेगा"मेरा कराहते हुए डाक्टर के क्लीनिक में प्रवेश...
"डाक्टर साहब...नमस्कार"....
"कहिए!...तनेजा जी...कैसे हैं आप?"....
"अब...यकीनन...बढ़िया तो हूँ नहीं...तभी तो आपके पास आया हूँ"....
"जी!...ये तो मैं क्लीनिक में आपके एंट्री लेते ही समझ गया था"....
"जी!...
"बताइये!...क्या तकलीफ है आपको?"...
"तकलीफ का तो क्या बताऊँ डाक्टर साहब?...अजीब-अजीब किस्म के रंगहीन सपने आ रहे हैं आजकल...कभी मैं बाईक पे तो कभी बाईक मुझ पर सवार नज़र आती है".....
"इसके...