शोर्टकट- गाँव से शहर तक
ट्रिंग ट्रिंग.. “हैलो….कौन बोल रहा है?”.. “डॉक्टर साहब घर पर हैं?”… “हाँ!…जी बोल रहा हूँ…आप कौन?”.. “जी!..मैं शर्मा… “शरमाइए मत…सीधे सीधे फरमाइए कि…आप हैं कौन?”… “ज्ज…जी!…म्म..मैं… “अब यूँ ही मिमियाते रहेंगे या अपना नाम..पता ठिकाना कुछ बताएँगे भी?”डॉक्टर साहब के स्वर में थोड़ी सी झुंझलाहट थी.. “जी!…मैं शर्मा…आपका दोस्त”… “ओहो!..शर्मा जी…आप हैं…पहले नहीं बता सकते थे क्या?….कहिए…कैसे हैं आप?”.. “बहुत बढ़िया…आप कैसे हैं"…. “एकदम बढ़िया…फर्स्ट क्लास"… “जी!.. “क्या बात?….बड़े...