और नहीं तो क्या?…

“हद हो गयी यार ये तो बेईमानी की…मुझ…मुझ पर विश्वास नहीं है पट्ठों को….सब स्साले बेईमान….मुझको…मुझको भी अपने जैसा समझ रखा है…एक एक..एक एक पाई का हिसाब लिखा हुआ है मेरे पास…जब चाहो…जहाँ चाहो...लैजर…खाते सब चैक करवा लो…. “क्या हुआ तनेजा जी?…किस पर राशन पानी ले के गरिया रहे हैं?”… “एक बात बताइए शर्मा जी”…. “जी.. “म्म्म…मैं क्या आपको चोर दिखता हूँ?”… “क्या बात कर रहे हैं तनेजा जी आप भी?…आपकी ईमानदारी के किस्से तो पूरे डिपार्टमैंट में..ऊपर से नीचे तक..पूरे शोरोगुल के साथ जबरन मशहूर हैं”…. ...