मून गेट - पूनम अहमद

ऊपरी तौर पर ईश्वर ने सभी मनुष्यों (स्त्री-पुरुष) को एक समान शक्तियाँ तो दी हैं मगर गुण-अवगुण सभी में अलग-अलग प्रदान किए। गौर करने पर हम पाते हैं कि जहाँ एक तरफ़ कोई मनुष्य दया..मानवता..मोह..ममता से ओतप्रोत दिखाई देता है तो वहीं दूसरी तरफ़ कोई अन्य मनुष्य लोभ..लालच..स्वार्थ..घमंड इत्यादि से भरा नज़र आता है। यह गुण या अवगुण स्त्री-पुरुष रूप में समान रूप से पाया जाता है। आमतौर पर महिलाओं को उनके मृदभाषी स्वभाव एवं दया..ममता के मानवीय गुणों की वजह से जाना जाता है लेकिन ऐसी महिलाओं की भी कमी नहीं है...

दिसंबर संजोग - आभा श्रीवास्तव

वैसे अगर देखा जाए तो हमारे आसपास के माहौल में इतनी कहानियाँ अपने किसी न किसी रूप में मौजूद रह इधर-उधर विचरती रहती है। जिन्हें ज़रूरत होती है पारखी नज़र..सुघड़ हाथों एवं परिपक्व सोच की, जो उन्हें किसी कहानी या उपन्यास का मुकम्मल जामा या फिर कोई छोटा सा हिस्सा ही बना सजा..संवार कर उभार सके।आँखों के ऑपरेशन की वजह से लगभग 15 दिनों तक किताबों से दूरी के बाद ऐसे ही जिस उम्दा कहानी संकलन को पढ़ने का मौका मिला, उसे 'दिसंबर संजोग' के नाम से लिखा है प्रसिद्ध लेखिका आभा श्रीवास्तव ने। 650 से ज़्यादा रचनाएँ लिख...
 
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