दो और दो चार होते हैँ?

2+2=4 अध्यापक विद्यार्थी से: दो और दो चार होते हैँ तो ये बताओ कि मेरे घर की टंकी में कितना पानी? विद्यार्थी कुछ देर के लिए सोच में डूब जाता है कि ये किस तरह का प्रश्न है?....फिर कुछ सोच के जवाब देता है कि 80. लीटर अध्यापक:शाबाश!...बिलकुल सही....तुम्हें कैसे पता? विद्यार्थी:क्योंकि आज हमारे घर पर  भी आलू की सब्ज़ी बनी है"   नोट: पुरानी मेल्ज़ को खंगालते वक्त अँग्रेज़ी में ये जोक मिला...तो सोचा कि क्यों ना इसे अपने पाठकों को भी इसका मज़ा दिया जाए।इसलिए इसे हिन्दी...

चुनावी अखाड़ा- बहरूपिया

उफ...कितने भेष और बदलने पड़ेंगे?   चित्र सौजन्य- नवभारत टाईम्स...

कदी ते पेके जा नी बेगम

मुझे मेरे एक मित्र ने ये कविता मेरे मोबाईल में ब्लूटुथ के जरिए फॉरवर्ड की थी।मुझे सुनने में बहुत अच्छी लगी तो मैँने सोचा कि इसे सभी के साथ शेयर करना बेहतर रहेगा।ये कविता दरअसल पंजाबी में है और जिन सज्जन ने इसे लिखा है ..उनका नाम ज़ाहिद फाखरी है और वो पाकिस्तान से हैँ।पंजाबी ना समझने वालों के लिए मैँने इसका  हिन्दी में अनुवाद करने की कोशिश की है। उम्मीद है कि आप सभी को पसन्द आएगी। ज़ाहिद फाखरी जी से साभार सहित     Get this widget | Track details | eSnips Social DNA ...

चुनावी अखाड़ा-सफाई अभियान

अरे....अरे.....अरे भईय्या...किसे साफ करने चले हो? ...

चुनावी अखाड़ा-आ देखें ज़रा..किसमें कितना है दम

***राजीव तनेजा*** उठा के मुगद्दर...ठोक के खम आ देखें ज़रा...किसमें कितना है दम       ***राजीव तनेजा*** चित्र सौजन्य-इंडिया टुडे...
 
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