बेहटा कलां - इंदु सिंह

आज़ादी बाद के इन 76 सालों में तमाम तरह की उन्नति करने के बाद आज हम बेशक अपने सतत प्रयासों से चाँद की सतह को छू पाने तक के मुकाम पर पहुँच गए हैं मगर बुनियादी तौर पर हम आज भी वही पुराने दकियानूसी विचारों वाले पिछड़े के पिछड़े ही हैं। आज भी हमारे देश के गाँवों और अपवाद स्वरूप कुछ एक शहरों में लड़कों के मुकाबले लड़कियों के साथ जो भेदभाव बरसों पहले से होता आया है, कमोबेश वही सब अब भी किसी न किसी रूप में जारी है। इस तरह के भेदभाव के पीछे एक तरफ़ घरों में पितात्मक सत्ता का प्रभाव नज़र आता है तो दूसरी तरफ़...

स्तुति - सौरभ कुदेशिया

ईसा पूर्व हज़ारों साल पहले कौरवों और पांडवों के मध्य हुए संघर्ष को आधार बना कर ऋषि वेद व्यास द्वारा उच्चारित एवं गणेश द्वारा लिखी गयी महाभारत अब भी हमें रोमांचित करती है। इस महागाथा में कृष्ण का चरित्र अपनी तमाम कूटनीतियों और छल-कपट के साथ अपने विराट स्वरूप में हमारे समक्ष आता है। तमाम उलट फेरों और रहस्यमयी साजिशों एवं चरित्रों से सुसज्जित इस कहानी के मोहपाश से नए पुराने रचनाकार भी बच नहीं पाए हैं। परिणामतः इस महान ग्रंथ की मूल कहानी पर आधारित कभी कोई फ़िल्म..नाटक..कहानी या उपन्यास समय समय पर हमारे...
 
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