"ना हींग लगी ना फिटकरी...रंग चढा चोखा ही चोखा"

"ना हींग लगी ना फिटकरी...रंग चढा चोखा ही चोखा"***राजीव तनेजा***"शर्मा जी मुबारक हो"...."लालू ने इस बार बजट बड़ा ही धांसू पेश किया है"....."बिना लड़े ही ज़्यादातर विरोधी पहले फटके में ही चारों खाने चित्त"मैँ ट्रेन में चढते वक्त शर्मा जी से बोला"अजी काहे का धांसू बजट?"मेरे पीछे पीछे आ रहे गुप्ता जी बोले"सब आँकड़ों का खेल है..."दरअसल!...खोखले मुनाफे का ऐसा मकड़जाल बुना है हमारे चारों तरफ लालू ने कि उनके बजट की असलियलत जानने में ही कई महीने लग जाएंगे"..."और जान पाएं...इसकी भी कोई निश्चित गारंटी नहीं""बेटा!..दरअसल...