व्हाट ऐन आईडिया...सर जी

***राजीव तनेजा***     "हाँ!..तो शर्मा जी..आप चल रहे हैँ ना?"... "कहाँ?".. "हरिद्वार"... "किसलिए?"... "बस ऐसे ही!...एक छोटी सी ब्लॉगरज़ मीट रख रहे हैँ...अपना घूमना-फिरना भी हो जाएगा और साथ ही साथ हर की पौढी पे नहाती हुई षोडशी बालाओं को देख के कुछ साहित्य का चिंतन टाईप वगैरा हो जाएगा" "आईडिया तो अच्छा है लेकिन इस सब के लिए इतनी दूर जाने की ज़रूरत ही क्या है?"... "क्या मतलब?"... "अपना यहीं पे... प्रेमबाड़ी वाली नहर पे चलते हैँ"... "वहाँ किसलिए?"... "वहाँ पर भी ऐसे मनोहारी एवं मनमोहक दृष्यों...

मत जईयो मेरी जान

***राजीव तनेजा***    "तू मायके मत जईयो...मत जईयो मेरी जान"... "तनेजा जी!...ये सुबह-सुबह आप गुनगुनाते हुए कहाँ चले जा रहे हैँ?"... "ससुराल"... "अभी पिछले हफ्ते भी तो आप वहीं गए हुए थे ना?"... "जी!...बच्चों की दो दिन की छुट्टी थी तो मैँने सोचा कि... "सोचा कि वहीं जा के डेरा जमा लिया जाए"... "जी"... "वैसे कितने साल हो गए आपकी शादी को?"... "मेरी शादी को?"... "जी!...आपकी शादी को"... "ओ.के!...लैट मी कैल्कुलेट"मैँ अपनी ऊँगलियों पे हिसाब लगाता हुआ सोच में डूब गया.. "यही कोई!...दस...

चोरों की...मुँहज़ोरों की….नहीं चलेगी...नहीं चलेगी

***राजीव तनेजा***      "क्या बात तनेजा जी?...आजकल आप बड़े ढीले-ढाले से नज़र आ रहे हैँ".. "आजकल से क्या मतलब?...मैँ तगड़ा और फुर्तीला था ही कब?... "हे...हे...हे तनेजा जी...आप भी कमाल करते हैँ...सुबह-सुबह कोई और नहीं मिला क्या?"... "क्यों?...क्या हुआ?"... "आप तो मेरा ही फुद्दू खींचने लगे"... "जी!...सच में...कसम से...मैँ तो ढूँढ-ढूँढ के थक गया...आज तो कोई मिला ही नहीं...इसीलिए तो मैँने सोचा कि... "सोचा कि...शर्मा तो सॉफ्ट टॉरगैट है...आज इसे ही बलि का बकरा बनाया जाए?"... "ज्जी!...जी...

कोई मेरी सुने..तब ना

***राजीव तनेजा***     "गज़ब हो गया...कमाल हो गया...जनता के टूटे दिलों पर भीषण आघात हो गया"... "क्या हो गया शर्मा जी?...आप इस कदर डरे-डरे से...सहमे-सहमे से क्यों हैँ?"... "दरअसल... "शहर में कहीं दंगे...कर्फ्यू वगैरा की आशंका तो नहीं?"मैँ संशकित हो घबराए स्वर में बोला... "नहीं-नहीं!...बिलकुल नहीं"... "तो फिर?"... "परम पूज्य संत श्री श्री नाग नागेश्वर जी नहीं रहे"... "क्या?"... "जी!... "ये तो बड़े दुख की बात है"... "जी"... "लेकिन कब?"... "मरणासन्न अवस्था में तो वो कल रात...
 
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