"बुरा दिन"

"बुरा दिन"***राजीव तनेजा***"मुँह में जो पानी ने आना शुरू किया तो फिर रुकने का नाम ही नहीं लिया""मेरी हालत देख बीवी से रहा ना गया....तुनक के बोली...."अभी तो सिर्फ शादी का न्योता भर ही आया है और तुम्हारा ये हाल हुए जा रहा है...."जब मौका आएगा तो कुछ'खान'पडेगा नहीं आपसे"मैँ बोला"अरी भागवान!....कभी तो अपनी चोंच बन्द किया करो...ये नहीं कि हर'टाईम'बस'बकर-बकर'.."ऊपरवाले ने अगर ज़बान दी है तो वो दी है...'तर'माल पाडने के लिए...."ये नहीं कि जब देखो करते जाओ ...बस'चबड-चबड'.....और कुछ नहीं"..."बिना आगा-पीछ सोचे...